पंक्ति-प्रिया
मनमोहक चित्रों के साथ ये हाइकु अच्छे लगे.
अद्भुत स्वाति जी अद्भुत....जितने सुंदर चित्र उतने ही सुंदर भाव....आप तो हाईकू लेखन में एक दम सिद्ध हैं...बधाई...नीरज
बहुत बढिया पोस्ट है बधाई।
बसंती चित्रों के साथ...........बसंती हाइकु खूबसूरत...........
वसंत का खूब स्वागत किया आपने ! सच कहूं तो मन हर्षित हो गया.
SWATI JI BAHOT HI BADHIYA HAIKU LIKHE HAI AAPNE ,SATH ME NIRANTARTA KA WADA KIYA YE AUR BHI ACHHI BAAT KAR DALI AAPNE ... DHERO BADHAI AAPKO..ARSH
खूबसूरत बसंत खूबसुरत हाइकु के साथ ...बहुत बढ़िया लगे सब
साधारण शब्दों के माध्यम से असाधारण अभिव्यक्ति....................
bahut sundar
वाह ! जितने सुंदर चित्र उतने ही सुंदर ये संक्षिप्त कवितायें(हाइकू).
हर haiku का अपना स्वाद!----------ज़रूर पढ़ें:हिन्द-युग्म: आनन्द बक्षी पर विशेष लेख
आपका लेखन बहुत अच्छा लगता है...बहुत सुंदर लिखा है...मीत
पहला हाइकू ..खास खुशबु दे गया
bahut khub
बहुत खूब स्वाति जी, सुँदर स्वागत किया आपने !- लावण्या
डाक्टर साब के सुर-में-सुर मिलाते हुये और सुर को तनिक आगे बढ़ाते हुये,पहला हाइकु न बस खास खुश्बू दे गया,मगर स्वाद भी
देखन को छोटन लगे, घाव करत गंभीर.
बहुत सुंदर हाइकू हैं और मक्की की रोटी, साथ में बसंती रंग के फूलों के चित्र - आनंद आ गया।
स्वाति जी, बहुत सुंदर हाइकू हैं..बसंती चित्रों के साथ
बसंती हाइकु पढकर मन मुग्ध हो गया। कृपया इसे जारी रखें।
Likhate rahen...~Jayant
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21 comments:
मनमोहक चित्रों के साथ ये हाइकु अच्छे लगे.
अद्भुत स्वाति जी अद्भुत....जितने सुंदर चित्र उतने ही सुंदर भाव....आप तो हाईकू लेखन में एक दम सिद्ध हैं...बधाई...
नीरज
बहुत बढिया पोस्ट है बधाई।
बसंती चित्रों के साथ...........बसंती हाइकु
खूबसूरत...........
वसंत का खूब स्वागत किया आपने !
सच कहूं तो मन हर्षित हो गया.
SWATI JI BAHOT HI BADHIYA HAIKU LIKHE HAI AAPNE ,SATH ME NIRANTARTA KA WADA KIYA YE AUR BHI ACHHI BAAT KAR DALI AAPNE ... DHERO BADHAI AAPKO..
ARSH
खूबसूरत बसंत खूबसुरत हाइकु के साथ ...बहुत बढ़िया लगे सब
साधारण शब्दों के माध्यम से असाधारण अभिव्यक्ति....................
bahut sundar
वाह ! जितने सुंदर चित्र उतने ही सुंदर ये संक्षिप्त कवितायें(हाइकू).
हर haiku का अपना स्वाद!
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ज़रूर पढ़ें:
हिन्द-युग्म: आनन्द बक्षी पर विशेष लेख
आपका लेखन बहुत अच्छा लगता है...
बहुत सुंदर लिखा है...
मीत
पहला हाइकू ..खास खुशबु दे गया
bahut khub
बहुत खूब स्वाति जी,
सुँदर स्वागत किया आपने !
- लावण्या
डाक्टर साब के सुर-में-सुर मिलाते हुये और सुर को तनिक आगे बढ़ाते हुये,पहला हाइकु न बस खास खुश्बू दे गया,मगर स्वाद भी
देखन को छोटन लगे, घाव करत गंभीर.
बहुत सुंदर हाइकू हैं और मक्की की रोटी, साथ में बसंती रंग के फूलों के चित्र - आनंद आ गया।
स्वाति जी,
बहुत सुंदर हाइकू हैं..बसंती चित्रों के साथ
बसंती हाइकु पढकर मन मुग्ध हो गया। कृपया इसे जारी रखें।
Likhate rahen...
~Jayant
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