
पीले में लाली
अग्नि में छिपी ठण्ड
पलाश-पुष्प
ओस की बूँद
जग को दिखलाये
जीवन-बिम्ब
पिछली पोस्ट में जब मैंने एक हाइकु प्रकाशित की, तब मेरे पास बहुत सारी टिप्पणियां आई जिसमे सराहना भी खूब हुई......मै बस हाइकु के मुख्य नियम एक बार फिर दुहराना चाहूंगी .....हाइकु ३ पंक्तियों की छोटी सी काव्य-विधा है जिसमे पहली पंक्ति में ५ अक्षर ,दूसरी पंक्ति में ७ अक्षर और तीसरी पंक्ति में ५ अक्षर बनाये रखने का नियम है और तीसरी पंक्ति तक आते-आते भाव या भाषा की दृष्टि से चमत्कार उत्पन्न होता है .......यहाँ आधे अक्षरों को हम नहीं गिनते......यह विधा मुझे पूर्णिमा वर्मन जी ने बड़े प्रेमपूर्वक सिखाई थी एवं मेरी ओर से उन्हें सप्रेम धन्यवाद सहित ह्रदय-नमन ...........




23 comments:
it is absolute menifastation of your interest......nice...
बहुत बढ़िया लगी दोनों और नियम भी साथ में बताने का शुक्रिया
नियम बताने के लिए ढेर सारा आभार ! तिन लाइन तक ही पता था.
swati jee,
shubh sneh, pata nahin kitne dino se aur na jaane kitne haiku padh chukaa hoon aur sach kahoon to mujhe to bilkul bhee nahin pataa tha ki iskaa ye arth aur ye aisee vidhaa hai, aap to gyaanmaataa hain jee, likhtee rahein, achha laga, hamesha kee tarah.
बहुत अच्छी तहरीर है... हमारे ब्लॉग पर आने के लिए शुक्रिया...
ओस की बूंद की तरह आपने भी हायकु का बिम्ब दिखा दिया. धन्यवाद.
बहुत खूब ....हाइकु की एक साईट भी है
http://www.hindigagan.com/
यहाँ नजर डाले
बहुत बहुत आभार.मैं इस तथ्य से अनभिज्ञ थी..बहुत ही अच्छा लगा जानकर.
ये एक कठिन विधा है...लेकिन आप को पढ़ कर लगता है की अरे ये कितनी सरल है...ये कौशल है आप के लेखन का वरना हम जैसों से एक हाईकू भी ना लिखा जाए...इस बार चित्र मय हाइकु देख आनंद दुगना हो गया...वाह.
नीरज
यह अच्छा किया. बहुतों के काम आयेगा. हाइकु तो खैर बढ़िया है ही!!
बहुत बढ़िया. धन्यवाद.
बहुत अच्छा िलखा है आपने । किवता में भाव की बहुत संुदर अिभव्यिक्त है ।
http://www.ashokvichar.blogspot.com
Beautiful ....
नियम बताने का शुक्रिया!
बधाई
इस जानकारी के लिये
शुभकामनाएं
आपको भी
सप्रेम धन्यवाद सहित ह्रदय-नमन ...........
बहुत सुंदर है...
vividh rang hain aapke blog me.Badhai.
guptasandhya.blogspot.com
बहुत सुंदर हाईकु हैं। बहुत से पाठकों को इस कठिन विधा में लिखने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
महावीर शर्मा
कम शब्दों में सूक्ष्म बातें कहने में हाइकु का जवाब नहीं. ब्लॉग और हाइकु अद्भुत मेल है. स्वागत मेरे ब्लॉग पर भी.
aaj tak samaj nahin paya log haiku kaise likh paate hain...mujhe to bahot kathin lagta hain...sundar aur gehri rachnayein...
bouth aacha post hai dear
Shyari Is Here Visit Jauru Karo Ji
http://www.discobhangra.com/shayari/sad-shayri/
Etc...........
नियम sikhaane का शुक्रिया .
नियम सीखने के बाद कोशिश कर रहा हूँ
1.
फूल लजाता
यौवन मदमाता
स्निग्ध पलाश
2.
हवा की नमी
जीवन हो पत्ते पे
ये प्रतिबिम्ब
हाईकू के निर्देश नोट कर लिए हैं /कृपया यह बतलाने की कृपा करें कि ये क्षणिका क्या होती है .किस रचना को हम क्षणिका कह सकते है -इसकी भी कुछ लाईने निश्चित रहती हैं क्या और इसके भी कोई नियम है क्या /हाइकू में यदि अक्षर बढ़ जायें तो कौनसा दोष होगा
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